इस वर्ष का भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार अदनान कफ़ील दरवेश का हुआ
अदनान कफ़ील दरवेश को इस वर्ष के भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार के लिए चुना गया है । इस चुनाव का कारण उनकी कविता 'क़िबला' बनी, जो 'वागर्थ' के सितंबर 2017 के अंक में प्रकाशित हुई थी । यह निर्णय इस वर्ष के निर्णायक प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल ने लिया है । निर्णय देते हुए पुरुषोत्तम अग्रवाल ने अपनी टिप्पणी में कहा कि 'अदनान की यह कविता माँ की दिनचर्या के आत्मीय, सहज चित्र के जरिेए 'माँ और उसके जैसी तमाम औरतों' के जीवन-वास्तव को रेखांकित करती है । अपने रोजमर्रा के वास्तविक जीवन अनुभव के आधार पर गढ़े गये इस शब्द-चित्र में अदनान आस्था और उसके तंत्र यानि संगठित धर्म के बीच के संबंध की विडंबना को रेखांकित करते हैं । ‘क़िबला’ इसलामी आस्था में प्रार्थना की दिशा का संकेतक होता है । लेकिन आस्था के तंत्र में ख़ुदा का घर सिर्फ मर्दों की इबादतगाह में बदल जाता है, माँ और उसके जैसी तमाम औरतों का क़िबला मक्के में नहीं रसोईघर में सीमित हो कर रह जाता है । स्त्री-सशक्तिकरण की वास्तविकता को नकारे बिना, सच यही है कि स्त्री के श्रम और सभ्यता-निर्माण में उसके योगदान...