निर्मल वर्मा की कुछ बातें
'एक कलाकृति का जादू और मर्म और रहस्य उसकी नितांत निजी, विशिष्ट बुनावट में रहता है ।' 'कलाकृति की सार्थकता इसी में है कि वह हमारी अंतर्दृष्टि को अधिक व्यापक और संवेदनशील बना सके । उस व्यापक दृष्टि के सहारे हम अपना जीवन-दर्शन खुद खोज सकें ।' 'पेंटिंग में रंग अपने में कोई महत्त्व नहीं रखता, जब तक वह अपनी उचित जगह, सही 'स्पेस' से नहीं बोलता ।' 'आज यदि रचनाएँ हमें संपूर्णता या कृतज्ञता का बोध नहीं करा पातीं तो इसलिए कि कला ने अपनी स्वतंत्रता की गरिमामय प्रतिज्ञा भूलकर अपने को समय के फार्मूलों, मन्त्रों और फैशनों में बाँध लिया है ।' 'जिसे आप 'क्रियेटिविटी' कहते हैं वह इस बात में निहित होती है कि जो चीज दिखाई देती है उसका सत्व उस चीज के भीतर छुपा है और हमारी 'क्रियेटिविटी' इससे उद्धेलित होती है कि इस छिपे हुए सत्य को बाहर के यथार्थ में रूपांतरित करे । इसीलिए एक कवि शब्दों को लेता है और उन्हें...